केदारनाथ त्रासदी के 05 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जिला कार्यालय सभागार में आपदा न्यूनीकरण एवं जागरूकता दिवस का आयोजन किया गया।

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केदारनाथ त्रासदी के 05 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जिला कार्यालय सभागार में अपर जिलााधिकारी गिरिष गुणवन्त की अध्यक्षता में आपदा न्यूनीकरण एवं जागरूकता दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी प्रकार की आपदा के दौरान त्वरित सहायता के लिए गांव के तैराको को प्रषिक्षित किया जाना चाहिए जिससे ग्रामीणों की सहायता ली जा सके। इसके लिए गांव के अच्छे तैराको को लाइव जैकेट, रोप दी जाए। इसके लिए जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी को गांव के तैराक, स्थानीय मार्गो की पहचान हेतु युवाओं को चिन्हित कर प्रषिक्षण देने के निर्देष दिए। इसके साथ ही गांव-गांव आपदा न्यूनीकरण हेतु जागरूकता अभियान चलाने के निर्देष भी दिए जिससे गावंवासियों को पता रहे कि आपदा के समय क्या क्या करना है व कौन-कौन से महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने साथ ले जाया जाए।
 कार्यक्रम के दौरान जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के पास उपलब्ध उपकरणों की जानकारी दी गई साथ ही आपदा प्रबन्धन के कार्मिको द्वारा आपदा कन्ट्रोल रूम के बाहर स्टोन कटर एवं वुड कटर से पत्थर व लकडी को काटकर दिखाया गया। जिला कार्यालय में उपस्थित अधिकाारियों द्वारा वर्ष 2013 की जल प्रलय आपदा में विलीन हुए लोगों की आत्मा की षांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया ।
जिला कार्यालय में आपदा के समय प्रभावषाली तरीके से कार्य करने के लिए जिला समन्वयक भूपेन्द्र नयाल द्वारा इन्सिडेंट रिस्पांस सिस्टम के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई जिससे सभी अपने कर्तव्यों का भली भाति निर्वहन कर सके। कहा कि आपदा के समय संचार बन्द होने पर किस प्रकार से सैटेलाइट फोन से सम्पर्क किया जा सके इसकी जानकारी भी सभी को होनी चाहिए। साथ ही बताया कि प्ले स्टोर से आईआरएस एप डाउनलोड कर जानकारी ले सकते है।
इस अवसर पर जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी हरीष चन्द्र, सीवीओ डाॅ रमेष सिंह नितवाल, डीडीओ ए0एस0 गुज्याल, एसीएमओ डाॅ ओ पी आर्य सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जिला सूचना अधिकारी,
रूद्रप्रयाग।

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