चंडीगढ़, 08 अक्टूबर।
हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान अभियान अब नए कलेवर में नजर आएगा। अब हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान जन चेतना ट्रस्ट के तौर पर दलितों के हकों की आवाज बुलंद करेगा और उनके अधिकारियों की लड़ाई लड़ेगा। बुधवार को चंडीगढ़ में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के मुख्य मीडिया सलाहकार सुदेश कटारिया ने हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान जन चेतना ट्रस्ट की घोषणा की। पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुदेश कटारिया ने कहा कि ट्रस्ट का उद्देश्य संविधान निर्माता बाबा साहेब के विचारों, सिंद्धातों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना है। अब जिलास्तर के बाद विधानसभा स्तर पर हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान का आगाज होगा और 9 अक्टूबर को नारायणगढ़ विधानसभा में दलित सम्मेलन का आयोजन होगा। वहीं उन्होंने, इस दौरान जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा की और उनको नियुक्त पत्र बांटे।
सुदेश कटारिया ने कहा कि दलित, शोषित और वंचित वर्ग तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाने में जन चेतना ट्रस्ट की अहम भूमिका रहेगी। इसके साथ ही दलित जन प्रतिनिधियों के साथ हो रही अनदेखी को लेकर भी ट्रस्ट प्रमुखता से काम करेगा।
उन्होंने कहा कि एक वर्ष पहले धर्मनगरी कुरुक्षेत्र से दलितों के हकों की आवाज बुलंद करने का केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने शंखनाद किया था। तब से लेकर अब तक हर जिले में जिलास्तर पर कार्यक्रम हो चुके हैं। अब विधानसभा स्तर पर कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
सुदेश कटारिया ने कहा कि कांग्रेस संविधान के नाम पर दलितों को गुमराह कर रही है। संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र और दलितों की आत्मा है। कांग्रेस ने हमेशा उनकी आत्मा को ठेस पहुंचाई है। कांग्रेस आज वोट चोरी के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही है, लेकिन वोट चोरी तो कांग्रेस ने 1952 में की थी, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने 74 हजार वोटों को रद्द करवाकर संविधान निर्माता को हराने का काम किया था। कांग्रेस ने हमेशा वोट चोरी और दलितों को गुमराह करके सत्ता हासिल की है। मगर अब कांग्रेस का यह झूठ नहीं चलेगा, क्योंकि अब दलित जागरूक हो चुका है।
18 जिलों के जिलाध्यक्षों की गई घोषणा
हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान जन चेतना ट्रस्ट के अध्यक्ष सुदेश कटारिया ने 18 जिलों के जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा की। इनमें अंबाला का जिलाध्यक्ष मोहनीश कपूर सिंह को नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही करनाल का इंद्र सिंह निगदू, कुरुक्षेत्र का सुनील मिर्जापुर, कैथल का संजीव कुमार, गुरुग्राम का किरोड़ी तंवर, चरखी-दादरी का पवन कुमार, पानीपत का धर्मवीर कुराना, फरीदाबाद का मनोज कुमार, फतेहाबाद का सुरजीत मैंडल, यमुनानगर का शास्वत चौधरी, पलवल का राजकुमार चौहान, पंचकूला का गुरमेल मेहरा, महेंद्रगढ़ का दिनेश खातौद, नूंह का गंगादान डागर, झज्जर का अरुण खासा, हांसी का अनूप भौरिया, हिसार का शमशेर गिल और भिवानी का सतीश बड़सी को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। जल्द ही बाकी जिलों के जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा होगी और जिला अध्यक्ष जिला और ब्लॉक कार्यकारिणी गठित करेंगे।
धर्मनगरी कुरुक्षेत्र से हुआ था दलित सम्मान स्वाभिमान का शंखनाद
हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान जन चेतना ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के मुख्य मीडिया सलाहकार सुदेश कटारिया ने कहा कि वर्ष-2024 में गीता की उपदेशात्मक स्थली कुरुक्षेत्र से दलित सम्मान स्वाभिमान का शंखनाद हुआ था। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने बतौर मुख्यातिथि न केवल दलितों के हकों की आवाज बुलंद की थी, बल्कि केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल ने संविधान के नाम पर कांग्रेस के ढकोसले से पर्दा उठाया था। तब से लेकर अब तक 100 से ज्यादा कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। वर्ष 2024 का दलित सम्मान स्वाभिमान समारोह का प्रदेश में भाजपा की तीसरी बार सरकार बनाने में बड़ा योगदान रहा है।
मनोहर राज में मिला दलितों को सम्मान
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के मुख्य मीडिया सलाहकार सुदेश कटारिया ने कहा कि जब वर्ष 2014 में बतौर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश की कमान संभाली तो उन्होंने सबसे पहले भाई भतीजावाद, भ्रष्टाचार, क्षेत्रवाद और जातिवाद को समाप्त किया। इसके साथ ही नौकरियों में मिशन मेरिट की शुरुआत की, जिससे दलितों का बिना पर्ची-बिना खर्ची नौकरी लगने का सपना पूरा हुआ। वहीं, उन्होंने दलितों की सबसे बड़ी मांग एससी कमीशन, सफाई आयोग और पदोन्नति में आरक्षण को लागू किया। जबकि पूर्व की सरकारों ने दलितों की सुध नहीं ली और हर 18वें मिनट में दलितों पर अत्याचार होते थे। दलितों को मनोहर राज में अत्याचारों से मुक्ति मिली और एससी कमीशन के जरिये उनकी समस्याओं की त्वरित सुनवाई होती है।