Chandigarh:
पंजाब में नशे के खिलाफ जारी जंग में अब अखिल भारतीय गुर्जर महासभा ने भी अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का ऐलान किया है। संगठन पूरे राज्य में युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए ‘नशा मुक्ति यात्राएं’ निकालेगा। इस अभियान की शुरुआत औद्योगिक शहर लुधियाना से की जाएगी। यह अहम फैसला चंडीगढ़ में आयोजित अखिल भारतीय गुर्जर महासभा की पंजाब कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया। इस मौके पर संगठन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बच्चू सिंह बैंसला विशेष तौर पर उपस्थित रहे। बैठक के दौरान सर्वसम्मति से कमलदेव चौहान को संगठन की पंजाब इकाई का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया और उन्हें इस पूरे अभियान की कमान सौंपी गई।
राज्यपाल की मुहिम से जुड़ने का ऐलान
नवनियुक्त प्रदेश प्रधान कमलदेव चौहान ने कार्यभार संभालने के बाद स्पष्ट किया कि गुर्जर समाज का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाकर उन्हें एक सकारात्मक दिशा देना है। उन्होंने बताया कि पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया पिछले कुछ समय से प्रदेश के सीमावर्ती जिलों सहित पूरे राज्य में ‘नशा मुक्त पंजाब’ के लिए लगातार पदयात्राएं कर रहे हैं। गुर्जर समाज भी राज्यपाल की इस मुहिम में सक्रिय भूमिका निभाएगा और कदम से कदम मिलाकर चलेगा। संगठन की ओर से इस अभियान की रूपरेखा और सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके साथ ही, इस पूरे प्रयास और आगामी यात्राओं के विषय में राज्यपाल को भी विस्तृत जानकारी दे दी गई है। चौहान ने कहा कि यदि पंजाब को फिर से विकास और प्रगति के रास्ते पर ले जाना है, तो सबसे पहले नशा मुक्ति को ही प्राथमिकता देनी होगी।
2027 के चुनावों पर नजर, गांव-गांव करेंगे प्रचार
सामाजिक जागरूकता के साथ-साथ गुर्जर समाज ने पंजाब की राजनीति में भी अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है। महासभा के नेताओं ने दावा किया है कि पंजाब में गुर्जर समाज की आबादी लगभग 9 प्रतिशत है, जो एक बड़ा वोट बैंक है। यह समुदाय 2027 के आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाने की तैयारी कर रहा है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अब समाज के नेता और कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर अपने लोगों को एकजुट करेंगे। चुनाव के समय संगठन अपनी पूरी ताकत दिखाएगा और जिस भी पार्टी या प्रतिनिधि का समर्थन करेगा, उसका खुलेआम मंच से ऐलान किया जाएगा। संगठन का मानना है कि नशे से मुक्त होकर ही युवा सही मायने में आत्मनिर्भर बन पाएंगे और समाज के साथ-साथ प्रदेश के राजनीतिक व आर्थिक विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।













