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तहसील प्रशासन ने बारिश से प्रभावित क्षेत्रों का किया स्थलीय निरीक्षण

जिलाधिकारी संदीप तिवारी के निर्देश पर चमोली तहसील प्रशासन की टीम ने शनिवार को चमोली तहसील प्रशासन की टीम ने प्रभावित सैकोट, मैठाणा, नन्दानगर-नन्दप्रयाग सड़क और गोपेश्वर के लीसा फैक्ट्री बैंड का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उप जिलाधिकारी राजकुमार पांडे ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।

चमोली जिले में शुक्रवार देर रात हुई भारी बारिश से सैकोट, मैठाणा, गोपेश्वर का लीसा फैक्ट्री क्षेत्र और नंदानगर क्षेत्र प्रभावित हो गया था। जिसका संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर उप जिलाधिकारी चमोली ने प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया है। उन्होंने बताया कि बारिश हुए नुकसान से क्षेत्र में 8 आवासीय भवनों को आंशिक नुकसान हुआ है। जबकि दो मवेशी मलबे में दब गए हैं। बताया कि बारिश के चलते सैकोेट में घरों में मलबा घुसने से हुए नुकसान को देखते हुए चार प्रभावित परिवारों को पांच-पांच हजार अहेतुक राशि प्रदान की गई है। जबकि आंशिक क्षतिग्रस्त आवासीय भवनों के स्वामियों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति का भुगतान किया गया है। कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कार्य के लिए भी संबंधित अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं

जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि जनपद में बारिश से हुए नुकसान का आंकलन कर प्रभावित क्षेत्रों में राहत देने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की बात कही गई। जिले में बारिश बाधित बदरीनाथ हाईवे को भनेरपानी, क्षेत्रपाल और नंदप्रयाग में सुचारु कर लिया गया है। ग्रामीण सड़कों को सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों तैयारियों की समीक्षा बैठक हुई आयोजित

जिला निर्वाचन अधिकारी संदीप तिवारी की अध्यक्षता में शनिवार को त्रिस्तरीय पंचायत चुनावा की तैयारियों की समीक्षा की गई। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को चुनाव के सुचारु और सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क संबंधी विभागों के अधिकारियों को चुनाव के दौरान और मतदान पार्टियों की आवाजाही के लिए सड़कों को सुचारु रखने के के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए।

जिला सभागार में आयोजित बैठक के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों और आरओ को निर्देशित करते हुए मतदेय स्थलों में आवास, विद्युत, पेयजल के साथ अन्य व्यवस्थाओं को समय से पूर्ण करने के आदेश दिए। नामांकन प्रक्रिया के निर्बाध संपादन के लिए आरओ और एआरओ को नियमावली का अध्ययन करने और प्रशिक्षण के दौरान अपनी सभी शंकाओं का समाधान करने और प्रत्याशियों को नामांकन पत्र के साथ आवश्यक दस्तावेजों की सूची उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। जिला निवार्चन अधिकारी से सभी चुनाव में तैनात अधिकारियों और कर्मियों को बैठकों में आवश्यक रूप से उपस्थित होने के भी निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डा. अभिषेक त्रिपाठी ने तैयारियों की जानकारी लेते हुए सभी खंड विकास अधिकारियों को मतपेटियों के साथ ही अन्य चुनाव सामग्री की जांच कर आवश्यकता वाली सामग्री की समय से मांग प्रस्तुत करने और सड़क मार्ग से अधिक दूरी वाले मतदेय स्थलों तक समाग्री पहुंचाने के लिए मजदूरों की अवश्यकता वाले केंद्रों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही एनआईसी के अधिकारियों को त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों से संबंधित सभी आदेशों को समय से ऑनलाइन अपलोड करने की बात कही। उन्होंने मतदान और मतगणना के लिए कैमरे व नेटवर्क की व्यवस्थाओं की जांच कर समय से तैयारियां पूर्ण करने के भी निर्देश दिए। बैठक के पश्चात परियोजना अधिकारी आनंद सिंह भाकुनी की  अध्यक्षता में जनपद में तैनात आरओ व एआरओ को भी प्रशिक्षण दिया गया।

इस मौके पर परियोजना निदेशक आनंद सिंह भाकुनी, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अभिषेक गुप्ता, अर्थ एवं संख्याधिकारी विनय जोशी, कृषि अधिकारी जेपी तिवारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी धर्म सिंह, आत्म प्रकाश डिमरी, केके पंत सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

29 जून को आयोजित होने वाली राज्य सिविल/प्रवर अधीनस्थ सेवा प्रारम्भिक परीक्षा-2025 को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली

उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग की ओर से 29 जून को आयोजित होने वाली राज्य सिविल/प्रवर अधीनस्थ सेवा प्रारम्भिक परीक्षा-2025 को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली है। परीक्षा की तैयारियों को लेकर शनिवार को जिलाधिकारी संदीप तिवारी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की।

बैठक में परीक्षा को व्यवस्थित, नकलविहीन व शांतिपूर्ण संपन्न कराने को लेकर जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने परीक्षा से जुड़े सभी अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने बारिश की स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन अधिकारी को बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में निवासरत अभ्यर्थियों से सम्पर्क कर परीक्षा से पूर्व दिवस परीक्षा केंद्र के समीप पहुंचने के लिए अपील करने के निर्देश दिए।

परगना मजिस्ट्रेट राजकुमार पाण्डेय ने बताया कि जनपद में परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए गोपेश्वर में तीन और कर्णप्रयाग व गौचर में एक-एक केंद्र बनाए गए हैं। कहा कि परीक्षा का आयोजन दो पालियों में किया जाएगा। जिसमें प्रथम पाली प्रातः 10.00 बजे से 12.00 बजे तथा द्वितीय पाली अपराहन 02.00 बजे से 04.00 बजे तक परीक्षा आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी परीक्षा केन्द्रों की 200 मीटर की परिधि में धारा 163 लगायी गयी है। परीक्षा केन्द्र की 200 मीटर की परिधि के अन्तर्गत 5 या 5 से अधिक व्यक्ति एक स्थान पर एकत्र नहीं होंगे। परीक्षा केन्द्र में किसी व्यक्ति को सेलुलर फोन, पेजर, एनालॉग और डिजिटल वॉच ले जाने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केन्द्र के आसपास ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग वर्जित रहेगा। कोई व्यक्ति परीक्षा केन्द्र के आसपास अस्त्र नहीं ले जाएगा। परीक्षा केन्द्र के 200 मीटर की परिधि में फोटो स्टेट की दुकानें बंद रहेगी। परीक्षा केन्द्र में साहित्य, प्रेसनोट, पम्पलेट व पोस्टर बैनर नहीं लगाए जाएंगे। यह आदेश 28 जून की सायं 6 बजे से 29 जून की सायं 05 बजे तक तक प्रभावी रहेगा।

सीएम धामी ने लोकतंत्र सेनानियों की मुद्दों के तत्परता से निस्तारण के लिए शासन स्तर पर नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए

सीएम धामी ने लोकतंत्र सेनानियों की मुद्दों के तत्परता से निस्तारण के लिए शासन स्तर पर नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि लोकतंत्र सेनानियों के कल्याण व हित में मानसून सत्र में अधिनियम लाने की तैयारी की जाए। मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानी सम्मान निधि की प्रक्रिया सरल बनाने के निर्देश दिए है। उन्होंने अधिकारियों को लोकतंत्र सेनानियों की समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के लिए कहा। सीएम ने संबंधित सचिव को लोकतंत्र सेनानियों को तत्काल प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है।

सीएम धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों को प्रतिमाह मिलने वाली सम्मान निधि को बढ़ाने का फैसला लिया था, जिसे आने वाले समय में और बढ़ाया जाएगा। हमारी सरकार लोकतंत्र सेनानियों की प्रत्येक समस्या के समाधान हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। हम राष्ट्र के प्रति आपके अतुलनीय योगदान को जन-जन तक पहुंचाने हेतु प्रतिवर्ष लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान कार्यक्रम आयोजित करते रहेंगे।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आपातकाल लगाए जाने के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित संविधान हत्या दिवस 2025 पर  मुख्यमंत्री आवास  में  लोकतंत्र सेनानियों व उनके परिवारजनों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री श्री धामी ने आपातकाल में मीसा एवं डीआईआर बंदियों के साथ संवाद किया।  

समस्त लोकतंत्र सेनानियों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जिन्होंने आपातकाल के अंधकारमय कालखण्ड में भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हेतु अपना सर्वस्व अर्पण कर दिया, उन्हें सम्मानित करना अत्यंत गौरव का अवसर है। लोकतंत्र सेनानियों ने जेलों की काल कोठरियों में रहकर भी लोकतंत्र के दीप को बुझने नहीं दिया। यह लोकतंत्र प्रहरियों के तप, त्याग और अटूट संकल्प का ही परिणाम है, जिसके कारण भारत के प्रत्येक नागरिक के मन में लोकतंत्र के प्रति एकनिष्ठ आस्था विद्यमान है।

आपातकाल संविधान की आत्मा को कुचलने का प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 का दिन हमेशा एक काले अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। 50 वर्ष पूर्व इसी दिन देश पर आपातकाल थोपा गया था और संविधान की आत्मा को कुचलने का प्रयास किया गया था। और यह सब एक व्यक्ति की हठधर्मिता और तानाशाही रवैए का परिणाम था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी को चुनावी भ्रष्टाचार का दोषी ठहराते हुए उनकी लोकसभा सदस्यता को निरस्त कर दिया गया था। सत्ता छिन जाने के भय से 25 जून की रात को भारत जैसे महान लोकतांत्रिक देश में आपातकाल की घोषणा करवा दी गई। भारतीय संसद का गला घोंट दिया गया, प्रेस की स्वतंत्रता को बंधक बना लिया गया और न्यायपालिका की गरिमा तार-तार कर लाखों देशवासियों के मौलिक अधिकारों को रौंद दिया गया। आपातकाल के उन काले दिनों में सत्ता के नशे में चूर तत्कालीन सरकार ने सभी विपक्षी नेताओं, सैंकड़ों पत्रकारों सहित हर उस आवाज का निर्ममता से दमन किया जो लोकतंत्र की रक्षा के लिए उठ रही थी। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचल कर पूरे देश को एक खुली जेल बना दिया गया था। मीसा और डीआईआर जैसे काले कानून को थोपकर हज़ारों लोकतंत्र समर्थकों को जेलों में ठूंस दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकनायक जयप्रकाश नारायण, श्रद्धेय नानाजी देशमुख और श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान नेताओं ने जेलों में रहते हुए भी लोकतंत्र के प्रति युवाओं में चेतना जाग्रत करने का कार्य किया। सत्ता के दमन का प्रतिकार करते हुए देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने तानाशाही के विरुद्ध सड़कों पर उतरकर लोकतंत्र के पक्ष में जनजागरण प्रारंभ कर दिया। दिल्ली, बनारस, इलाहाबाद, पटना, जयपुर, पुणे, बेंगलुरु जैसे कई शहरों के अनेकों शैक्षणिक संस्थानों से शुरू हुआ विरोध धीरे-धीरे राष्ट्रव्यापी जनक्रांति में बदल गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सहित अनेकों सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों ने भी अपनी पूरी शक्ति से लोकतंत्र को पुनर्जीवित करने के लिए आंदोलन चलाया। हजारों युवाओं ने जेल जाना स्वीकार किया, यातनाएँ सही, लेकिन अन्याय के आगे सिर नहीं झुकाया।
आपातकाल के काले अध्याय से आने वाली पीढ़ियों को अवगत कराना जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1977 के उस आम चुनाव में देश की जनता ने पहली बार किसी गैर कांग्रेसी सरकार को चुनकर लोकतंत्र की नई सुबह का सूत्रपात किया। भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई के बाद वो  दूसरी सबसे बड़ी जनक्रांति थी जिसने भारत को सत्ता के एकाधिकार से मुक्ति दिलाने का कार्य किया था। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी स्वयं आपातकाल के समय भूमिगत रहकर लोकतंत्र की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभा रहे थे। यही कारण है कि उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के योगदान और आपातकाल के काले अध्याय से आने वाली पीढ़ियों को अवगत कराने हेतु 25 जून को “संविधान हत्या दिवस” के रूप में मनाने की शुरुआत की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में सत्ता को सेवा का माध्यम मानकर प्रत्येक व्यक्ति के कल्याण हेतु योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।  प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारी सरकार लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान हेतु पूर्ण रूप से संकल्पित होकर कार्य कर रही है। इसी क्रम में आज हमने आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने पर लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, आज प्रदेश भर में आपातकाल के विरुद्ध हुए इस महान आंदोलन के बारे में हमारी युवा पीढ़ी को जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रदर्शनियों को आयोजित किया जा रहा है।

उत्तराखंड जैसे छोटे से राज्य में लिए जा रहे निर्णय देशभर के लिए आदर्श बन रहे

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे छोटे से राज्य में लिए जा रहे निर्णय देशभर के लिए आदर्श बन रहे। हम हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लाया गया है। एसडीजी रैंकिंग में हम प्रथम स्थान पर रहे है।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री श्री भगत सिंह कोशियारी, सचिव श्री शैलेश बगौली, लोकतंत्र सेनानी श्री कृष्ण कुमार अग्रवाल, श्री प्रेम बड़ाकोटी तथा बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी और उनके परिजन मौजूद रहे।

Cyber protection policies are the need of hour: Prof Mishra

Dehradun:

Cyber protection policies for academic institutions as well as countries are the need of the hour in this digital era. This was stated by Prof. P.K. Mishra, Senior Professor, Department of Chemical Engineering, IIT-BHU, and Former Vice-Chancellor of AKTU Lucknow & JUT Ranchi, as Chief Guest during the inaugural session of a week-long online Faculty Development Program (FDP) on Cyber Crime and Cyber Security, organized by the Mahamana Malaviya Teachers Training Centre (MMTTC), HNB Garhwal University today on May 15, 2025.

He further emphasized that cybersecurity is the trending area globally, underscoring its relevance in all spheres of life and governance. Prof. Mishra discussed various forms of cyber threats, including cyber terrorism, cyber defamation, virtual lock, and cyber-sex crimes, and stressed the growing need for cyber protection software and institutional cyber policies to combat these dangers. He also discussed the significance of cyber security in view of the “Panchsheel principles of the New Millennium”.
Dr. Rahul Kunwar Singh, the officiating Director of the centre, MMTTC, emphasized the critical need for raising cybersecurity and cybercrime awareness in higher education institutions to uphold academic integrity and secure institutional data. He said that the program is aimed at equipping faculty members from across the country with vital knowledge and tools to address emerging threats in cyberspace. The event marked a significant step toward fostering cyber-awareness and building digital competence among academicians across the country.
Providing a comprehensive overview of the program, Dr. Sudhir Kumar Chaturvedi, Course Coordinator, highlighted that this one-week initiative has successfully drawn 149 faculty participants from 20 different states across India. He underlined the multidisciplinary relevance of the program in today’s digitally connected academic and professional environment. The is covering a range of modules focusing on cyber law, digital safety practices, emerging threats, and institutional strategies for cyber hygiene and resilience. Welcome address to the guests and coordination of the session was performed by Dr. Somesh Thapliyal, the Assistant Director of the centre with great finesse.

जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बुधवार को हेमकुंड साहिब यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक 

चमोली  
       जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बुधवार को हेमकुंड साहिब यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने यात्रा से जुड़े सभी संबंधित विभागों को 20 मई तक सारी व्यवस्थाएं चाक चौबंद करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने पीएमजीएसवाई को मिशन मोड पर गोविन्दघाट से पुलना तक सड़क में प्रोटेक्शन वर्क, गडढे भरने और जेसीबी लगाकर सड़क को सुचारू करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीडब्लूडी को पुलना से हेमकुण्ड साहिब तक रैलिंग, साइनेज लगाने और अटलाकोटी में मेडिकल रिलीफ पोस्ट के प्री फैवरिक सेड को तेजी से पूर्ण करने के साथ ही गोविन्दघाट में वैली व्रिज को यात्रा से पूर्व सुचारू करने व वैली व्रिज पर वाहन क्षमता  के साइनेज लगाने के निर्देश दिए। जल संस्थान को यात्रा मार्ग पर पेयजल व्यवस्था और विद्युत विभाग को विद्युत आपूर्ति सूचारू करने के निर्देश दिए।
       वहीं उन्होंने सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य व पशुपालन सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं से जुडे़ अधिकारियों की टीम हेमकुण्ड साहिब भेजने और गुरूद्वारा प्रबंधन और ईडीसी से समन्वय स्थापित करते हुए वे अपने अपने विभाग से संबंधित कामों को देखने और जो कमियां हैं उन्हें समय से दूर करने के निर्देश दिए। ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो। उन्होंने ईडीसी को यात्रा मार्ग लगाए गए बंेच, पानी के नल, माइल स्टोन आदि के रखरखाव करने और शुलभ इन्टरनेशनल को हेमकुण्ड यात्रा मार्ग पर शौचालयों को सुचारू करने के निर्देश दिए। पशुपालन विभाग को घोड़े खच्चरों का बीमा करने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
      विदित है कि इस बार हेमकुण्ड साहिब व लोकपाल मन्दिर के कपाट 25 मई को खुलने हैं।
     इस दौरान अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश,जिला पर्यटन अधिकारी बृजेन्द्र पाण्डेय,सीएमओ अभिषेक गुप्ता,एसई जल संस्थान  सुशील कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

Bridging the Gap Between Theory and Practice is Essential in a Knowledge-Driven Economy: Prof  Kuhad

IEP Srinagar (Garhwal)

“Research is a vital pillar of higher education—it generates new knowledge and strengthens academic foundations. However, for this knowledge to have real impact, it must be practically implemented. Bridging the gap between theoretical knowledge and its practical application is the pressing need of today’s knowledge-driven economy,” said Prof. Ramesh Chandra Kuhad, Distinguished Professor at M.D. University Rohtak and former Vice Chancellor of the Central University of Haryana. Prof. Kuhad made these remarks as the Chief Guest during the inaugural session of the one-month Faculty Induction (Guru Dakshata) Program, organized by the Malaviya Mission Teacher Training Centre of Hemvati Nandan Bahuguna Garhwal University, Srinagar (Garhwal). The program is being conducted in hybrid mode.

Prof. Rajendra Singh Negi, Director of the Chauras Campus and faculty member in the Department of Rural Technology, presided over the session. He emphasized that research and its practical applications must be rooted in the principle of sustainability. “Sustainability should not be treated as an add-on in higher education,” he stated. “It must be an integral part of academic frameworks and included in the curriculum across all disciplines.”

Welcoming the guests and participants, Dr. Rahul Kunwar Singh, Officiating Director of the Malaviya Mission Teacher Training Centre, underscored the importance of such training. “Faculty members in higher education must undergo induction training within one to two years of their appointment,” he said. He also provided an overview of the program and its significance in shaping effective educators. He also informed that total 78 faculty participants from 19 different states of the country are participating in this program.

The session was coordinated by Dr. Somesh Thapliyal, Assistant Director of the Centre, with support from Program Executive Dr. Kavita Bhatt and non-teaching staff members Anil Kathait and Poonam Rawat.

सीएम धामी ने देशहित को सर्वाेपरि रखने हेतु युवाओं का आह्वाहन किया

Dehradun

सीएम धामी ने समस्त युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि हम देशहित को सर्वाेपरि रखते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी से करें, साथ ही ये संकल्प लें कि हर संकट की घड़ी में हम एकजुट होकर राष्ट्र के साथ दृढ़ता से खड़े रहेंगे।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को गुरू राम राय विश्वविद्यालय के वार्षिक समारोह “जेनिथ-25 फेस्ट” में शामिल हुए।

‘फ्यूचर-रेडी’ बने युवा -सीएम धामी

इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित छात्राओं को संबोधित करते हुए  मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि  आज का रोजगार परिदृश्य तेज़ी से बदल रहा है, विभिन्न नवाचारों के कारण रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं और पुराने खत्म हो रहे हैं। इसके लिए हमें अपने युवाओं को ‘फ्यूचर-रेडी’ बनाना होगा।  इस दिशा में हमने इंटर्नशिप और इंडस्ट्री लिंक्ड कोर्सेज को प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न उद्योगों और कॉरपोरेट संस्थानों के साथ समझौते किए हैं।  इसके साथ ही, हमने स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए हैं, जिससे युवाओं में उद्यमिता को विकसित किया जा सके। हमारा उद्देश्य है कि हमारे युवा केवल नौकरी ढूंढने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले भी बनें।

 नई शिक्षा नीति  रोजगारोन्मुख और व्यावहारिक – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और संस्कार मनुष्य के जीवन के दो सबसे बहुमूल्य उपहार हैं, जो न केवल उसकी सोच को आकार देते हैं, बल्कि जीवन की दिशा और दशा दोनों को बदलने का सामर्थ्य भी रखते हैं। यह दोनों गुण जिस व्यक्ति में विकसित हो जाते हैं, वो अपने परिवार का ही नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र के काम भी आता है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से हमारी सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार करने का प्रयास कर रही है। शिक्षा के महत्व को ध्यान में रखकर हमारी सरकार ने त्वरित निर्णय लेते हुए देश में सर्वप्रथम ‘नई शिक्षा नीति’ को लागू करने का कार्य किया। इस नीति द्वारा शिक्षा व्यवस्था को  रोजगारोन्मुख और व्यावहारिक बनाने का प्रयास किया किया गया है।

सैनिक पुत्र होने पर गर्व – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें गर्व है कि हम उत्तराखंड की वीर भूमि से आते हैं जहां के हर परिवार से कोई न कोई सदस्य सेना में जरूर होता है, मैं स्वयं भी एक सैनिक का बेटा हूँ।  आप सभी जानते हैं, पहलगाम में दुश्मन द्वारा किए गए कायराना आतंकी हमले का हमारी बहादुर सेना द्वारा मुँहतोड़ जवाब दिया गया है। जब-जब भारत माता ने अपने सपूतों को पुकारा है, देवभूमि उत्तराखंड के वीरों ने लहू देकर मातृभूमि की रक्षा करने का कार्य किया है। आप में से कई लोगों के परिवारजन भी भारतीय सेना में सेवा दे रहे होंगे, कोई बर्फ से ढके दुर्गम पोस्ट पर डटा होगा, तो कोई तपते रेगिस्तान में मां भारती की रक्षा कर रहा होगा। परंतु हमें भी अपने-अपने स्थानों पर रहते हुए, एक सैनिक की भांति सजगता, समर्पण और सेवा-भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाना होगा।
क्योंकि राष्ट्र की एकता और अखंडता की रक्षा केवल सीमाओं पर रहकर ही नहीं होती बल्कि हमारे विचारों और कर्मों से भी प्रदर्शित होती है।

संत परंपरा से जुड़ी संस्थाओं की  सराहना

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरू राम राय विश्वविद्यालय केवल एक विश्वविद्यालय  नहीं है बल्कि एक जीवंत, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपरा के ध्वजवाहक भी हैं। क्योंकि संत परंपरा से जुड़ी संस्थाओं में केवल डिग्रियाँ ही प्रदान नहीं की जातीं, बल्कि संस्कार, विचार और जीवन मूल्यों के समग्र विकास को भी समान महत्व दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि पूज्य श्री महाराज जी ने यहाँ एक अत्यंत सुव्यवस्थित हेलिपैड का निर्माण कराया है, शहर के मध्य स्थित इस हेलिपैड से आमजन को सुविधा मिलेगी और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता भी सुनिश्चित हो सकेगी। साथ ही ये भी अत्यंत हर्ष का विषय है कि विश्वविद्यालय परिसर के समीप एक आधुनिक कैंसर अस्पताल का निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है, यह अस्पताल प्रदेश के लोगों को कैंसर जैसे गंभीर रोग से लड़ने में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक श्री विनोद चमोली, श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय की कुलपति श्रीमती कोमल सकलानी, छात्र-छात्राएं  तथा शिक्षक मौजूद रहे।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से मॉक ड्रिल की निगरानी

Dehradun:

गृह मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश पर बुधवार को देहरादून जनपद में नागरिकों की सुरक्षा के दृष्टिगत आयोजित सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल की निगरानी यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र तथा जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से की गई। सचिव गृह श्री शैलेश बगौली, पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ तथा सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से मॉक ड्रिल की मॉनीटरिंग की। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से जिलाधिकारी श्री सविन बंसल और आईआरएस तंत्र के तहत उनकी पूरी टीम राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से वर्चुअली जुड़ी रही।

बुधवार को सायरन बजने के निर्धारित समय से पूर्व सचिव गृह श्री शैलेश बगौली तथा पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे। इस दौरान राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से घटनास्थलों, स्टेजिंग एरिया, इंसीडेंट कमांड पोस्ट तथा रिलीफ सेंटरों को भी जोड़ा गया। सचिव श्री शैलेश बगौली ने मॉक ड्रिल के दौरान विभिन्न घटनाओं के बारे में जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र में उपस्थित जिलाधिकारी श्री सविन बंसल से विस्तारपूर्वक जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि किस प्रकार घटना की सूचना प्राप्त होने पर फोर्सेज को रवाना किया गया, किन-किन टीमों को भेजा गया, शेल्टर कहां बनाए गए तथा उनकी क्षमता क्या है, स्टेजिंग एरिया में क्या-क्या व्यवस्थाएं है तथा कौन-कौन से संसाधन है, आईआरएस को कैसे एक्टिवेट किया गया।

इंसिडेंट कमांड पोस्ट की व्यवस्थाओं के बारे में भी उन्होंने विस्तार से पूछा। इस दौरान उन्होंने आईआरएस यानी घटना प्रतिक्रिया प्रणाली के तहत किस अधिकारी की तथा किस विभाग की क्या जिम्मेदारी है, इसके बारे में भी संबंधित अधिकारियों से ही जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आईआरएस एक सशक्त प्रणाली है, जिसके माध्यम से आपदाओं का प्रभावी तरीके से सामना किया जा सकता है, इसलिए यह आवश्यक है कि राज्य स्तर से लेकर जनपद स्तर तथा तहसील स्तर तक आईआरएस के तहत किस विभाग की तथा किस अधिकारी की क्या भूमिका है, इसकी जानकारी सभी को होनी चाहिए।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ ने इस दौरान फील्ड पर मौजूद अधिकारियों से रिजर्व संसाधनों तथा उपकरणों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि जब भी एंबुलेंस तथा राहत और बचाव दलों के वाहनों का मूवमेंट हो, उस समय ट्रैफिक की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने निर्देश दिए कि मॉक अभ्यास के दौरान जो भी गैप्स तथा लूपहोल्स रहे हैं, उनको चिन्हित किया जाए तथा डीब्रीफिंग कर उनके बारे में चर्चा कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि यह कोशिश की जाएगी कि भविष्य में होने वाले मॉक अभ्यासों में इन्हें दूर किया जा सके।

इस दौरान राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से यह भी लगातार सुनिश्चित किया जाता रहा कि घटनास्थल के लिए जिन भी संसाधनों, उपकरणों अथवा सहायता की मांग की जा रही है, वह समय पर पहुंच रही हैं अथवा नहीं। बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन श्री आनंद स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, यूएलएमएमसी के निदेशक श्री शांतनु सरकार, श्री मनीष कुमार भगत, श्री रोहित कुमार, डॉ. वेदिका पन्त, डॉ. पूजा राणा, श्री हेमंत बिष्ट, सुश्री तंद्रिला सरकार आदि मौजूद थे।

उत्तराखण्ड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने मुख्यमंत्री का किया आभार व्यक्त

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन, देहरादून में ऊर्जा निगमों के कार्मिकों द्वारा आयोजित ’स्वागत एवं अभिनन्दन’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उत्तराखण्ड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा द्वारा ऊर्जा निगमों के कार्मिकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया गया।

मुख्यमंत्री ने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस अभिनंदन की असली हकदार उत्तराखंड प्रदेश की जनता है, जिन्होंने प्रदेश की सेवा करने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा प्रदेश उत्तराखंड की मूल अवधारणा में था। उत्तराखण्ड को पॉवर सरप्लस राज्य बनाने के लिए सबको समन्वय के साथ आगे बढ़ना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा भारत सरकार का राज्य सरकार को हर योजना पर सहयोग मिल रहा है। विद्युत मंत्रालय द्वारा जारी डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी रैंकिंग में यूपीसीएल ने विशेष श्रेणी डिस्कॉम में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार, उत्तराखण्ड को ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए संकल्पित है। बिजली उत्पादन के लिए लखवाड़ बांध परियोजना, जमरानी बांध बहुउद्देश्यीय परियोजना औऱ देहरादून में आने वाले 50 सालों में पेयजल की समस्याओं को दूर करने के लिए सौंग बांध परियोजना पर कार्य गतिमान है। राज्य में अत्याधुनिक जीआईएस (गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन) उपकेंद्रों की स्थापना भी जारी है। उन्होंने कहा राज्य में 16 लाख स्मार्ट मीटर लगाकर टेक्नॉलजी के माध्यम से पारदर्शिता लाने का कार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून शहर की बिजली लाइनें भूमिगत की जा रही हैं। यूपीसीएल द्वारा अत्याधुनिक ओटोमेटेड डिमान्ड रिसपॉन्स सिस्टम के उपयोग से ओवरड्राल की स्थिति पर रियल टाइम पर नियंत्रण कर हर वर्ष करोड़ो रूपये की बचत की है। उन्होंने कहा 2023 में देहरादून में विश्व स्तरीय आपदा प्रबंधन सम्मलेन आयोजित किया गया था। आपदाओं को रोका नहीं जा सकता पर आपदाओं के प्रभाव को कम किया जा सकता राज्य सरकार ने इकोलॉजी और इकोनॉमी में संतुलन वाले विकास के मॉडल को चुना है। इकॉनमी और इकोलॉजी के बीच समन्वय बनाकर ग्रीन एनर्जी के उत्पादन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अन्तर्गत लगभग 20,000 रूफटॉप सोलर संयंत्र किए गए स्थापित। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस को  हमने अपने राज्य में भी अपनाना है। राज्य सरकार आने वाले 10 , 25, 50 सालों को देखते हुए भी विकास के मॉडल तैयार कर रही है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर मीनाक्षी सुंदरम, एम.डी यू.जे.वी.एन.एल श्री संदीप सिंघल और उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी उपस्थित थे।