RS 151.83 LAKH WILL BE SPENT FOR THE BEAUTIFICATION AND DEVELOPMENT OF BHOGPUR
IEP Chandigarh, October 4 The Punjab government led by Chief Minister Punjab Bhagwant Singh Mann is striving to provide basic...
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IEP Chandigarh Uttar Haryana Bijli Vitran Nigam is committed to ensure reliable, good voltage and uninterrupted power supply to the...
IEP CHANDIGARH/AMRITSAR, October 4 :With Punjab Police having further intensified vigil and alertness against anti-social elements ahead of the festival...
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IEP Chandigarh, October 4 Punjab Vidhan Sabha Speaker S. Kultar Singh Sandhwan has congratulated the people on the occasion of...
IEP Chandigarh One of India’s highly industrialized state, Haryana sees a steady rise in victims of child marriages in the...
IEP Chandigarh हरियाणा एक ऐसा राज्य है जिसके खिलाडि़यों ने पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है और जिसकी पहचान देश के एक उन्नत औद्योगिक राज्य के रूप में होती है लेकिन इसी राज्य की एक और तस्वीर है जो चिंताजनक है। आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि राज्य में पिछले तीन साल में बाल विवाह के मामलों में इजाफा हुआ है। आंकड़े बताते हैं कि बाल विवाह के मामले में हरियाणा देशभर में 15वें स्थान पर है।पिछले दिनों भले ही हरियाणा सरकार ने बाल विवाह को ‘शून्य’ घोषित करने का कानून बनाया है, लेकिन भारत सरकार की साल 2011 की जनगणना के अनुसार बाल विवाह के मामले में राज्य का देश में 15वां स्थान है। इसी जनगणना के अनुसार राज्य में 2,47,860 बाल विवाह हुए हैं। यह देश के कुल बाल विवाह का दो प्रतिशत हैं। नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी द्वारा स्थापित कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन(केएससीएफ) द्वारा यहां आयोजित ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान में जुटी स्वयंसेवी संस्थाओं ने हरियाणा की इस स्थिति पर चिंता जाहिर की। साथ ही सरकार से अपील की कि नए कानून का सख्ती से पालन करवाया जाए ताकि अपराधियों के मन में खौफ पैदा हो और ‘बाल विवाह’ की सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म किया जा सके। इस संबंध में केएससीएफ ने चंडीगढ़ के हरियाणा निवास में राज्य सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ एक सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें ‘बाल विवाह’ पर कैसे लगाम लगाई जाए? इस पर गहन विचार-विमर्श हुआ। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के ताजा आंकड़े भी साल 2011 की जनगणना के आंकड़ों की तस्दीक करते हैं। इसके अनुसार देश में 20 से 24 साल की उम्र की 23.3 प्रतिशत महिलाएं ऐसी हैं जिनका बाल विवाह हुआ है। वहीं, राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो(एनसीआरबी) के अनुसार हरियाणा में साल 2019 में 20, साल 2020 में 33 और साल 2021 में 33 बाल विवाह के मामले दर्ज किए गए। लैंगिक अनुपात में भी राज्य की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। इसीलिए दूसरे राज्यों से नाबालिग बच्चियों को खरीदकर यहां लाने और शादी करने के मामले भी लगातार सामने आते रहते हैं। इसी साल मई में बिहार के जहानाबाद जिले से एक 14 साल की नाबालिग बच्ची को हरियाणा के कैथल जिले में शादी के लिए बेचे जाने का मामला सुर्खियों में रहा था। इससे साफ है कि ‘बाल विवाह’ जैसी सामाजिक बुराई के प्रति लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं और सुरक्षा एजेंसियां इसे गंभीरता से नहीं ले रही हैं। सम्मेलन में इस स्थिति पर चिंता जाहिर की गई। साथ ही इस अवसर पर जनता, सरकार और सुरक्षा एजेंसियों से बाल विवाह के मामलों में गंभीरता बरतने व सख्त से
IEP CHANDIGARH Dharam Pal, Adviser to the Administrator explained that entire Sukhna Lake area where public will be allowed to...
IEP Chandigarh, October 3 The Haryana Government has prepared an action plan under the policy formulated by the Commission for...
IEP Chandigarh, October 3 The Election Commission of India on Monday announced the schedule of bye-elections in seven assembly constituencies...